सर्वांगासन योग और उससे जुड़े कुछ रोचक वर्ल्ड रिकार्ड्स

सर्व अंग और आसन अर्थात सर्वांगासन। इस आसन को करने से शरीर के सभी अंगों का व्यायाम होता है, इसीलिए इसे सर्वांगासन कहते हैं। इस आसन में समग्र अंतस्त्रावी ग्रंथियां तंतु एवं मस्तिष्क सहित सारे अंग प्रभावित होते हैं। यह आसन शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्तर पर मजबूत करता है। यह कंधों पर खड़े होने वाला आसन है और इसे उत्तानपादासन एवं विपरीतकरणी मुद्रा का विकसित रूप कहा जा सकता है। सर्वांगासन को शोल्डर स्टैंड कहा जाता है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को नियमित तौर पर बनाए रखने के लिए सर्वांगासन का अभ्यास फायदेमंद है। इस योग के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अब पैरों 90 डिग्री तक ऊपर की ओर ले जाएं। पांवों को सिर की सीध में रखें। शरीर को इस तरह से सीधा रखें कि ठोड़ी छाती पर आकर लगे। इस अवस्था में कुछ समय रहने के बाद धीरे-धीरे मूल अवस्था में लौटें। इसे करने से शरीर के मसल्स स्ट्रेच होते हैं, जिससे मानसिक तनाव व शारीरिक अंगों में होने वाले दर्द से राहत मिल जाती है। योग विशेषज्ञ बताते हैं कि यह अभ्यास शरीर की सभी बड़ी मांसपेशियों को सक्रियता देने के साथ रक्त के संचार के बढ़ाने में विशेष मददगार हो सकता है। इस आसन में पूरा शरीर कंधों के सहारे खड़ा होता है और शरीर के पोश्चर में बदलाव आने लगता है। सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करने से चेहरे की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन नियमित होता है। यह आसन बाहों और कंधों को मजबूत करने के साथ रीढ़ को लचीला बनता हैं। यह नसों और शरीर को तंत्रिकाओं को आराम दिलाने और कब्ज, अपच जैसी पाचन की समस्याओं से राहत दिलाने वाला योगाभ्यास है।

योगाभ्यास के क्षेत्र में योग प्रेमियों द्वारा सर्वांगासन योग में कई विश्व कीर्तिमान स्थापित किये -

  • राजस्थान, कोटा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुश्री दिव्या प्रभा जी (Ms Divya Prabha) 01 घंटा 30 मिनट 13 सेकंड तक सर्वांगासन योग कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) की वुमन अचिवर्स केटेगिरी में "Longest Performance of Sarvangasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। डॉ. जयदीप आर्या जी के कुशल नेतृत्व एवं संयोजन में यह कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ, राजस्थान सरकार तथा रेजोनेंस एडुवेंचर्स लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया एवं इस कार्यक्रम के दौरान योग के क्षेत्र में कई विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए।
  • उत्तर प्रदेश, मिर्ज़ापुर वाले शिवराज बिंद ने लगातार 6 घंटे 2 मिनट तक सर्वांगासन योग का प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Longest Performance of Sarvangasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।
  • भारत के हिमाचल प्रदेश के रामपुर भुषार में योग प्रशिक्षक श्री रंजित सिंह जी (Mr. Ranjit Singh) के मार्गदर्शन एवं संयोजन में हिमालय हरिद्वार हॉस्पिटल योग समिति गणवा द्वारा आयोजित किये गए कार्यक्रम के दौरान महज 12 वर्ष के नन्ही ईशा कुमारी (Isha Kumari)  ने 1 घंटे 23 मिनट 40 सेकंड तक सर्वांगासन योग का प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स की यंग अचीवर्स: फिमेल केटेगिरी में "Longest Performance of Sarvangasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।
  • युवा भारत और पतंजलि योगपीठ के के बेनर तले छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में आयोजित योग कार्यक्रम के दौरान एक साथ 54,700 लोगों ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी (Swami Ramdev) एवं आचार्य बालकृष्ण जी (Acharya Balkrishna) के मार्गदर्शन में एक साथ सर्वांगासन योग का प्रदर्शन किया जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Most People Performing Sarvangasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जयदीप आर्य द्वारा किया गया।
  • हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में श्री रणजीत सिंह के मार्गदर्शन में त्रिगर्त दिव्य योग आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 13 वर्षीय नन्ही अहाना कौशल (Aahana Kaushal) ने 21 मिनट 23 सेकंड तक पद्म सर्वांगासन योग का प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Longest Performance of Padma Sarvangasana Yoga" शीर्षक के साथ यंग अचीवर्स: फिमेल केटेगिरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।

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