हलासन योग और उससे जुड़े कुछ रोचक वर्ल्ड रिकार्ड्स
आज के इस भौतिक युग में मनुष्य बिल्कुल मशीन बन गया है। इसका सबसे बुरा प्रभाव स्मरणशक्ति पर पड़ता है। इसके अतिरिक्त आरामतलब जीवनशैली, व्यायाम का अभाव, अप्राकृतिक भोजन तथा अति महत्वाकांक्षा ने व्यक्ति को असमय बूढ़ा बना दिया है। योग के नियमित अभ्यास तथा यौगिक जीवनशैली अपनाकर न केवल अपनी याददाश्त क्षमता को पुनर्जीवित किया जा सकता है, स्मरणशक्ति को बढ़ाने के लिए सबसे प्रमुख उपाय है आसनों का अभ्यास। हलासन जिसे अंग्रेजी में प्लो पोज भी कहा जाता हैं ऐसा ही एक अद्भुत योगासन है जिसका नियमित अभ्यास आपको कई तरह के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। हलासन योग शरीर को उल्टा करके किया जाने वाली योग मुद्रा है जो शरीर को स्ट्रेच करने के साथ मजबूती और आराम देने में मदद करता है। कई योग मुद्राओं की तरह, इसका नाम इस मुद्रा के मूल आकार से आया है, जो तिब्बती और भारतीय संस्कृति में पाए जाने वाले पारंपरिक हल से मिलता जुलता है। हलासन गले और हृदय चक्रों को खोलने में बहुत अधिक लाभ प्रदान करता है। हलासन योगासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब सांस लेते हुए पैरों को ऊपर की तरफ उठाते हुए सिर के पीछे ले जाएं। अंगूठे से जमीन को स्पर्श करें। हाथों को जमीन पर सीधा रखें और कमर को जमीन पर ही सटाए रखें। कुछ समय तक इसी अवस्था में ही बनें रहें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में वापस आएं।
योगाभ्यास के क्षेत्र में योग प्रेमियों द्वारा हलासन योग में कई विश्व कीर्तिमान स्थापित किये-
- युवा भारत और पतंजलि योगपीठ के के बेनर तले छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में आयोजित योग कार्यक्रम के दौरान एक साथ 43,400 लोगों ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी (Swami Ramdev) एवं आचार्य बालकृष्ण जी (Acharya Balkrishna) के मार्गदर्शन में एक साथ हलासन योग का प्रदर्शन किया जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Most People Performing Halasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जयदीप आर्य द्वारा किया गया।
- भारत के हिमाचल प्रदेश के रामपुर भुषार में योग प्रशिक्षक श्री रंजित सिंह जी (Mr. Ranjit Singh) के मार्गदर्शन एवं संयोजन में हिमालय हरिद्वार हॉस्पिटल योग समिति गणवा द्वारा आयोजित किये गए कार्यक्रम के दौरान महज 14 वर्ष की शबनम केदार्ता (Shabnam Kedarta) ने 51 मिनट 40 सेकंड तक हलासन योग का प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) की यंग अचीवर्स: फिमेल केटेगिरी में "Longest Performance of Halasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सरदार पटेल योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कानपुर, उत्तर प्रदेश के आशीष सिंह (Ashish Singh) ने 1 घंटा 2 मिनट 35 सेकंड तक हलासन योगमुद्रा में रहकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Longest Performance of Halasana Yoga" शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।
- राजस्थान, कोटा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुश्री रुक्मणि जी (Rukmani) 02 घंटा 05 मिनट तक हलासन योगमुद्रा में रहकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स की वुमन अचिवर्स केटेगिरी में "Longest Performance of Halasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। डॉ. जयदीप आर्या जी के कुशल नेतृत्व एवं संयोजन में यह कार्यक्रम पतंजलि योगपीठ, राजस्थान सरकार तथा रेजोनेंस एडुवेंचर्स लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया एवं इस कार्यक्रम के दौरान योग के क्षेत्र में कई विश्व कीर्तिमान स्थापित हुए।
- योग गुरु स्वामी महेश योगी जी के मार्गदर्शन एवं संयोजन में सप्तरंग सेवा समिति एवं दिव्य भारत निर्माण ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान 12 वर्षीय इंदर कुमार (Inder Kumar) ने 4 घंटे 5 मिनट तक हलासन योगमुद्रा में रहकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Longest Performance of Halasana Yoga" शीर्षक के साथ यंग अचीवर्स केटेगिरी वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।

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